पहला नियम इस प्रकार है:
“कोई भी वस्तु स्थिर वेग के साथ तब तक विराम अवस्था में रहती है या गति की अवस्था में तब तक रहती है, जब तक किसी बाह्य बल के द्वारा उस वस्तु की गति में परिवर्तन न किया जाये।”
इसका मतलब यह है की वस्तुएं अपने आप से न तो अपनी गति शुरू कर सकती हैं, न रोक सकती हैं और न ही दिशा बदल सकती हैं। इस प्रकार के बदलाव के लिए बाहरी बलों (force) की आवश्यकता होती है। उदारणस्वरूप जब आप पेड़ की डाली को हिलाते हो तो उसके पत्ते निचे गिरते हैं, कोई वाहन जब अचानक से चल पड़ता है, तो यात्री पीछे की ओर झुक जाते हैं इत्यादि।
गति के सभी नियम

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