न्यूटन का दूसरा नियम (Newton’s Second law)
वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर उस पर आरोपित बल के अनुक्रमानुपाती होती है तथा संवेग परिवर्तन आरोपित बल की दिशा में होता है
या
किसी वस्तु पर आरोपित बल, उस वस्तु के द्रव्यमान तथा बल की दिशा में उत्पन्न त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है अगर किसी m द्रव्यमान वाली वस्तु पर F बल आरोपित करने से उसमें बल की दिशा में a त्वरण उत्पन्न होता है तो दूसरे नियम के अनुसार F = ma
प्रथम नियम -
http://alltech05.blogspot.com/2020/06/newtons-first-law-all-tech.htm
उदाहरण –
समान वेग से आती हुई क्रिकेट गेंद एवं टेनिस गेंद में से टेनिस गेंद को कैच करना आसान होता हैकराटे खिलाडी द्वारा हाथ के प्रहार से ईटोंं की पटटी तोडनाअधिक गहराई तक कील को गाडने के लिए भारी हथौडे का उपयोग किया जाता है

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